दिल्ली-एनसीआर में ईद पर नकली ब्रांडेड कपड़ों का काला कारोबार – GST चोरी, फर्जी बिलिंग और ऑनलाइन सप्लाई नेटवर्क पर सवाल
“ब्रांड धमाका सेल” के नाम पर नकली ब्रांड का खेल! विजय नगर से गांधी नगर तक कॉपीराइट उल्लंघन और टैक्स चोरी का जाल

आलेख
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इन दिनों नकली ब्रांडेड कपड़े, जूते और फैशन उत्पादों का अवैध कारोबार तेजी से फैलता दिखाई दे रहा है। स्थानीय बाजारों में “ब्रांड धमाका सेल”, “फैक्ट्री आउटलेट”, “90% डिस्काउंट सेल” और “ओरिजिनल एक्सपोर्ट सरप्लस” जैसे नामों के जरिए ग्राहकों को आकर्षित कर प्रसिद्ध कंपनियों के नाम पर नकली सामान खुलेआम बेचा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार गाज़ियाबाद के विजय नगर, प्रताप विहार, गांधी नगर, तुराब नगर और सब्जी मंडी क्षेत्रों में बिना बिल के बड़े पैमाने पर नकली ब्रांडेड कपड़ों की बिक्री की जा रही है।
इनमें कई प्रसिद्ध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के लोगो एवं स्टीकर लगाकर कपड़े और जूते बेचे जाते हैं। इन नकली उत्पादों पर Louis Philippe, Van Heusen, Peter England, Allen Solly, Mufti, Spykar, Flying Machine, John Players, Park Avenue, Blackberrys, Monte Carlo, Cantabil, Indian Terrain, Wrogn, Being Human, Roadster, HRX, Campus Sutra, Snitch, Levi’s, Wrangler, Lee, Pepe Jeans, Calvin Klein, Tommy Hilfiger, U.S. Polo Assn., Jack & Jones, H&M, Zara, Uniqlo, Puma, Adidas, Nike और Reebok जैसे ब्रांडों के नकली टैग और स्टीकर लगाकर ग्राहकों को भ्रमित किया जा रहा है। यह ब्रांड शोरूम से लूटा हुआ चोरी का सामान है या किसी फैक्ट्री में नकली ब्रांड स्टीकर लगाया हुआ कपड़ा है, यह जांच का विषय है।
स्थानीय व्यापारिक सूत्रों का दावा है कि ईद एवं अन्य त्योहारों के दौरान रात के समय मिनी ट्रकों में भारी मात्रा में नकली माल विभिन्न बाजारों में उतारा जाता है। इसके बाद यह सामान ऑफलाइन दुकानों के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यमों से भी बेचा जाता है। व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया पेज और लोकल डिलीवरी नेटवर्क के जरिए ग्राहकों तक सामान पहुँचाया जा रहा है। आरोप है कि कुछ लोग लोकल डिलीवरी सेवाओं और ट्रैवल नेटवर्क का उपयोग कर घर-घर नकली सामान भेज रहे हैं। यहाँ तक कि नकली सामान के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी बनाए गए हैं, जहाँ साइज और कलर फाइनल होने के बाद पार्सल राइड के माध्यम से सामान बुक किया जाता है। हाल ही में “ब्रांड धमाका सेल” की दिल्ली ब्रांच पर कॉपीराइट और ट्रेडमार्क कानूनों के उल्लंघन के मामले में पुलिस द्वारा छापेमारी कर दुकान को सीज किया गया था, जबकि अन्य शाखाएँ गाज़ियाबाद में अब भी संचालित बताई जा रही हैं।
जानकारों का कहना है कि इस प्रकार का कारोबार केवल कॉपीराइट और ट्रेडमार्क कानूनों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि इससे सरकार को GST एवं अन्य करों में भारी राजस्व हानि भी होती है। बिना बिल बिक्री, फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी के माध्यम से करोड़ों रुपये के राजस्व को नुकसान पहुँचने की आशंका जताई जा रही है। कॉपीराइट और ट्रेडमार्क कानूनों का उल्लंघन, फर्जी बिलिंग और GST टैक्स चोरी के मामलों की उत्तर प्रदेश सरकार और गाज़ियाबाद प्रशासन द्वारा जांच की जानी चाहिए।
व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार नकली ब्रांडेड उत्पादों का यह नेटवर्क असली कंपनियों की साख को भी नुकसान पहुँचाता है। ग्राहक कम कीमत देखकर सामान खरीद लेते हैं, लेकिन खराब गुणवत्ता मिलने पर वे मूल ब्रांड को दोष देते हैं। इससे वैध कारोबारियों और पंजीकृत दुकानदारों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक वर्ग का कहना है कि गाज़ियाबाद पुलिस, GST विभाग, ट्रेडमार्क एवं कॉपीराइट विभाग तथा ब्रांड कंपनियों को संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे नेटवर्क की जांच करनी चाहिए। विशेष रूप से विजय नगर, प्रताप विहार, गांधी नगर, तुराब नगर, सब्जी मंडी और अन्य संवेदनशील बाजारों में निरीक्षण अभियान चलाने की मांग की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो नकली ब्रांडेड बाजार का यह नेटवर्क और अधिक संगठित होकर ऑनलाइन माध्यमों से देशभर में फैल सकता है। ऐसे में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संबंधित विभागों को राजस्व सुरक्षा, उपभोक्ता हित और वैध व्यापार की रक्षा के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है।
ग्राउंड रिपोर्ट: रविन्द्र आर्य
गाज़ियाबाद









