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कठुआ में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, कोटपुनू में अवैध निर्माण ध्वस्त

मीडिया को रोके जाने और देर से हुई कार्रवाई पर भी उठे सवाल

सबका जम्मू कश्मीर 
कठुआ, 11 मई 2026: जम्मू-कश्मीर में चल रहे “100 दिन नशा मुक्ति अभियान” के तहत सोमवार को कठुआ जिले के कोटपुनू क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान गुज्जर बस्ती क्षेत्र में जेसीबी मशीनों से अवैध ढांचों को हटाया गया।

मौके पर जिला आयुक्त कठुआ, एसएसपी कठुआ सहित पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
सूत्रों के अनुसार कार्रवाई से पहले संबंधित परिवारों को नोटिस जारी किए गए थे और उनकी संपत्तियों का रिकॉर्ड भी मांगा गया था। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले एसएसपी कठुआ, जिला आयुक्त और तहसीलदार नगरी ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था, जिसके बाद कार्रवाई को अंतिम रूप दिया गया।

तीन कथित नशा तस्करों के मकान ध्वस्त

कोटपुनु मे नशे के खिलाफ कार्यवाही के दौरान पंडोरी पुल पर सुरक्षा कर्मी पुल पर आवाजही को बंद किए हुए
कोटपुनु मे नशे के खिलाफ कार्यवाही के दौरान पंडोरी पुल पर सुरक्षा कर्मी पुल पर आवाजही को बंद किए हुए

प्रशासन ने राजबाग के कोरेपुन्नू क्षेत्र में तीन कथित बड़े नशा तस्करों के मकानों को भी ध्वस्त किया। अधिकारियों के अनुसार ये मकान सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए थे।
कार्रवाई जिन लोगों के खिलाफ की गई, उनमें लियाकत अली उर्फ “लियाकतू”, गग्गू दीन और शाम दीन शामिल हैं। तीनों शरीफ मोहम्मद के पुत्र और तहसील मरहीन के कोरेपुन्नू क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ नशा तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कुल 16 मामले दर्ज हैं। ध्वस्त की गई संपत्तियों की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

मीडिया को रोके जाने पर उठे सवाल

कार्यवाही के दौरान सुरक्षा बल की गाड़ियां जाती हुई
कार्यवाही के दौरान सुरक्षा बल की गाड़ियां जाती हुई

कार्रवाई के दौरान पत्रकारों को कवरेज के लिए कोटपुनू क्षेत्र में जाने से रोके जाने का मामला भी सामने आया। बताया गया कि पंडोरी पुल पर तैनात पुलिस कर्मियों ने कई पत्रकारों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और पत्रकारों के बीच चर्चा शुरू हो गई। लोगों का कहना है कि मीडिया लोकतंत्र का अहम स्तंभ है और उसे ऐसी बड़ी कार्रवाइयों की कवरेज करने की अनुमति मिलनी चाहिए। हालांकि प्रशासन की ओर से मीडिया को रोकने के कारणों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

देर से कार्रवाई को लेकर जनता के सवाल

कार्यवाही से पहले जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी कार्यवाही स्थल पर पहुंचते हुए
कार्यवाही से पहले जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी कार्यवाही स्थल पर पहुंचते हुए

नशे के खिलाफ तेज अभियान के बीच लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि यदि क्षेत्र में लंबे समय से नशे का कारोबार चल रहा था, तो पहले सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर के निर्देशों के बाद अब प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। लोगों ने मौजूदा कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि “देर आए, दुरुस्त आए”, लेकिन साथ ही मांग की कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहना चाहिए ताकि युवाओं को इस बुराई से बचाया जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत नशा तस्करों और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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