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देश की सीमाओं पर बाउंड्री होना अति आवश्यक हैं, बार्डर सुरक्षा से देश सुरक्षित होता है।

अपील - घुसपैठ और डेमोग्राफिक चेंज जैसी गंभीर चुनौतियों के इलाज़ के लिए एक बार पूरे देश का एक्सरे होना चाहिए

भारत और चीन में अंतर है, चीन पड़ोसी देश को टेंशन देता है भारत पड़ोसी का टेंशन लेता है दुर्भाग्य है – लेक़िन देशहित में अब घुसपैठ और डेमोग्राफिक चेंज का इलाज होना चाहिए

इस जांच से आम नागरिकों को फायदा मिलेगा सीमित संसाधनों का संरक्षण होगा – नयी पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए कड़े कानून और नीतियां बनेगी और देश पर बोझ कम पड़ेगा।

नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से देशहित में लोगों ने अपील करते हुए कहा कि देश में आबादी का संतुलन बिगड़ने की जांच के लिए पूरे देश का एक बार एक्सरे होना चाहिए। क्युकी ‘घुसपैठ और अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय परिवर्तन किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए बहुत बड़ी और बेह्द गंभीर चुनौती हैं। बाहरी लोगों की अवैध घुसपैठ से देश के कई हिस्सों में आबादी का ढांचा बदल रहा है। यह देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या बदलाव के पैटर्न का विश्लेषण करना बहुत ज़रूरी हो गया हैं। अब समय आ गया हैं देश हित में इसका एक सुनियोजित तथा समयबद्ध समाधान निकालना चाहिए और पूरे देश का डेटा देखेना चाहिए एवं आखिर पता तो लगे कि अवैध रूप से आए प्रवासियों के कारण कहां आबादी अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई है। हर स्तर पर आबादी में बदलावों कि बारीकी से जांच की जानी चाहिए।

एडवरटाइजिंग
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प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय ग्रहमंत्री अमित शाह के नाम एक संदेश
उन्होंने आगे कहा कि आदरणीय गृहमंत्री जी देश की सीमा सुरक्षा की व्यवस्था के लिए हम एक जिम्मेदार नागरिक की तरह हम अपना फर्ज निभाएंगे और जिस तरह राम मंदिर के लिए देश की जनता ने धन दिया था देश की सीमाओं पर बाउंड्री होना अति आवश्यक है। हमने आज तक किसी की जमीन पर अतिक्रमण नहीं किया परंतु बिना किसी कारण हमारे रोज जवान शहीद होते हैं। साथ ही सीमा पार से आएं आतंकबादियों के आतंकी हमलों से हमारे निर्दोष नागरिक भी शहीद हो जाते हैं। जो किसी न किसी के पिता, किसी का बेटा और किसी का पुत्र और किसी का पति होता है। आखिर कब तक हम यूं आंसू बहाएंगे अब कड़े फैसला लेने की घड़ी है। अब अगर देश की सीमा सुरक्षा के लिए भी दान देने की आवश्यकता पड़ी तो हम देंगे। अब देश में एक भी आतंकी और घुसपैठिए बचना नहीं चाहिए राष्ट्र सर्वोपरि।

भारत और चीन में अंतर है, चीन पड़ोसी देश को टेंशन देता है भारत पड़ोसी का टेंशन लेता है दुर्भाग्य है – लेक़िन अब घुसपैठ और डेमोग्राफिक चेंज का इलाज होना चाहिए

उन्होंने बताया कि देश में अवैध घुसपैठ और अन्य असामान्य कारणों से हो रहे डेमोग्राफिक चेंज से निपटने के लिए अब एक हाई-लेवल कमेटी का गठन कर पूरे देश में एक सर्च ऑपरेशन किया जाना चाहिए। अवैध घुसपैठ और डेमोग्राफिक चेंज हमारे शांतिप्रिय भारत के वर्तमान एवं भविष्य की नयी पीढ़ी के लिए बहुत ही घातक बन सकता है। इस विकराल समस्या से निपटने के लिए पूरे भारत की आबादी में आ रहे असंतुलन का बारीकी से मूल्यांकन किया जाना चाहिए और देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध प्रवास और अचानक बढ़ी आबादी का गहराई से एक्सरे होना चाहिए ताकि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक सुनियोजित और कड़ा कानूनी समाधान निकाला जा सके।

अपील – घुसपैठ जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए एक बार पूरे देश का एक्सरे होना चाहिए
साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बांग्लादेश और पाक से अवैध घुसपैठ से मूल निवासी अल्पसंख्यक होते जा रहे हैं। आजादी के बाद से देश की खुली सीमायों के कारण अवैध घुसपैठ से असम, बंगाल, विहार आदि के कई सीमावर्ती जिलों में आबादी का संतुलन बदल चुका है। वहां के मूल निवासी अल्पसंख्यक होते जा रहे हैं। यह घुसपैठ असम के बड़े भू-भाग को देश से राजनीतिक और सामाजिक रूप से काटने का दीर्घकालिक खतरा बन सकती है। बांग्लादेश से असम, बंगाल, विहार आदि राज्यों में होने वाली भारी घुसपैठ ने देश के कई राज्य के नागरिकों के जीवन को प्रभावित किया है। यह स्थिति एक तरह के ‘अघोषित बाहरी आक्रमण’ जैसी है। इस घुसपैठ से देश के कई जिलों की आबादी वृद्धि दर औसत से बहुत ज्यादा है। प. बंगाल, असम और बिहार के कई सीमावर्ती इलाकों में असामान्य बढ़ोतरी हुई हैं।

इस जांच से आम आदमी को फायदा मिलेगा सीमित संसाधनों का संरक्षण होगा –

आखिर में उन्होंने कहा कि इससे नयी पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए कड़े कानून और नीतियां बनेगी देश के युवाओं को रोज़गार के अवसर मिलेंगे और देश पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा। देश के सीमित संसाधनों का संरक्षण होगा। अचानक आबादी बढ़ने वाले क्षेत्रों में जमीन, खेत, घर-मकान, दुकान बिजली, पानी, रोजगार और राशन जैसे सीमित संसाधनों से अतिरिक्त दबाव कम करने के लिए नयी नीतियां बनेंगी और कड़े कानून और नीतियां से जांच समिति की समयबद्ध रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में सीमा सुरक्षा मजबूत करने, नागरिकता नियमों को कड़ा करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए नए कानून लागू किए जा सकते हैं, जिससे देश पर आर्थिक बोझ भी कम पड़ेगा।

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