विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर ‘संडेज ऑन साइकिल’ का विशेष संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न : अरविंद सिंह, कमांडेंट 121 बटालियन सी.आर.पी.एफ.

सबका जम्मू कश्मीर
हीरानगर/कठुआ। विश्व साइकिल दिवस (3 जून) के उपलक्ष्य में 1 जून से 14 जून 2026 तक मनाए जा रहे साइक्लिंग उत्सव के अंतर्गत 7 जून 2026 (रविवार) को “संडेज ऑन साइकिल” के विशेष संस्करण का सफलतापूर्वक आयोजन 121 बटालियन सी.आर.पी.एफ. द्वारा किया गया। फिट इंडिया मूवमेंट के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देना था।

इस गरिमामयी कार्यक्रम में अरविंद सिंह, कमांडेंट-121 बटालियन, संतोष कुमार शर्मा, उप कमांडेंट, वाहिनी के अधीनस्थ अधिकारी, सभी जवानों तथा स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर अरविंद सिंह, कमांडेंट-121 बटालियन सी.आर.पी.एफ. ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि समाज में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि साइकिल चलाना एक सरल, सुलभ और टिकाऊ शारीरिक गतिविधि है, जो लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है।
कमांडेंट अरविंद सिंह का संदेश
रैली के समापन पर अरविंद सिंह ने सभी प्रतिभागियों, जवानों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा—
> “इस आयोजन की अपार सफलता यह दर्शाती है कि हमारा समाज फिटनेस और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहा है। यह पहल नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों और सामुदायिक संगठनों को साइकिल चलाने जैसी स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित करती है। मैं उन सभी प्रतिभागियों का हृदय से धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने इस ‘संडेज ऑन साइकिल’ राइड में भाग लेकर इसे एक ऐतिहासिक और सफल आयोजन बनाया। आइए, हम सभी मिलकर फिटनेस को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।”
उन्होंने आगे कहा कि 121 बटालियन सी.आर.पी.एफ. द्वारा समय-समय पर आई.जी.पी. जम्मू सेक्टर, डी.आई.जी.पी. रेंज जम्मू तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समाज हित में विभिन्न जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, ताकि नागरिकों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और फिटनेस के प्रति प्रेरित किया जा सके।
इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने नियमित व्यायाम और साइकिलिंग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया तथा फिट और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।









