
सबका जम्मू कश्मीर
कठुआ, 17 जनवरी:
सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) कठुआ ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। वीडियो में एक गर्भवती महिला द्वारा इलाज से इनकार किए जाने का आरोप लगाया गया था, जिसे अस्पताल प्रशासन ने पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।
सुरनकोट में दर्दनाक हादसा: बोलेरो खाई में गिरने से एक व्यक्ति की मौत
अस्पताल के अनुसार, महिला 15 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे आपातकालीन विभाग में पहुंची थी। वहां डॉक्टरों ने तुरंत उसकी जांच की और अल्ट्रासाउंड समेत जरूरी जांच करवाई। जांच में गर्भ में पानी की कमी पाई गई, जिसके बाद महिला को भर्ती कर निगरानी में रखने और इलाज की सलाह दी गई।
डॉक्टरों ने महिला को उसकी हालत के बारे में समझाया और मां व बच्चे की सुरक्षा के लिए अस्पताल में रुकने की सलाह दी। इसके बावजूद महिला ने 15 जनवरी की रात करीब 9:30 बजे डॉक्टरों की सलाह के खिलाफ अस्पताल छोड़ दिया। बाद में वह 16 जनवरी को दोपहर करीब 2:45 बजे फिर अस्पताल आई, जिसका रिकॉर्ड मौजूद है।
कठुआ में खैर पेड़ों की कटाई वैध, भ्रामक सूचनाओं से दूर रहें: वन विभाग
GMC प्रशासन ने साफ किया कि महिला को अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किया गया था, बल्कि वह अपनी मर्जी से गई थी। मीडिया से बात करने के बाद उसकी फिर से जांच की गई, लेकिन शाम के समय वह बिना बताए दोबारा अस्पताल से चली गई।

अस्पताल ने शौचालय में डिलीवरी होने के आरोप को भी झूठा बताया है। प्रशासन के अनुसार, लेबर रूम या अस्पताल परिसर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
GMC कठुआ एक बड़ा रेफरल अस्पताल है, जहां हर सप्ताह करीब 100 से 120 प्रसव कराए जाते हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण कभी-कभी बेड की कमी हो सकती है, लेकिन इलाज में कोई लापरवाही नहीं की जाती।

अंत में GMC कठुआ प्रशासन ने कहा कि वह मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है और लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि की गई खबरें न फैलाएं।









