वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2.0: सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए लोगों से मांगे सुझाव
हीरानगर के रठुआ, करोल कृष्णा, कड्याला और गुज्जर चक गांवों का प्रभारी अधिकारियों ने किया दौरा

सबका जम्मू कश्मीर
हीरानगर/कठुआ।
कठुआ, 22 मई: वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीपी) 2.0 के तहत हीरानगर के सीमावर्ती गांवों रठुआ, करोल कृष्णा, कड्याला और गुज्जर चक का प्रभारी अधिकारियों ने दौरा कर विकास कार्यों की जरूरतों का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों से गांवों के विकास के लिए सुझाव भी मांगे गए।

फॉरेंसिक साइंस लैब के निदेशक ओ.पी. भगत और कमांड एरिया डेवलपमेंट जम्मू के निदेशक पंकज मगोत्रा ने संबंधित गांवों में बैठकें कर लोगों की समस्याएं और विकास संबंधी मांगें सुनीं। बैठकों में विधायक हीरानगर विजय कुमार, एसडीएम हीरानगर फुलैल सिंह, बीएसएफ अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, पार्क, ओपन जिम, स्ट्रीट लाइट, पुस्तकालय, एटीएम और स्वास्थ्य सुविधाओं सहित कई मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि लोगों के सुझावों को अंतिम विकास योजना में शामिल किया जाएगा।
बाद में कठुआ में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने संबंधित विभागों को प्रस्तावित कार्यों की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) जल्द तैयार करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त कठुआ राजेश शर्मा ने कहा कि ग्रामीणों से मिले सभी सुझावों को विकास योजनाओं में शामिल किया जाएगा और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।









