श्रीराजमाता मंदिर में सात जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न स्वामी राजेश्वरानंद ने चार संतान पैदा करने वाले दंपत्तियों को एक लाख रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की

सबका जम्मू कश्मीर
जम्मू, 7 मई: श्री राजमाता झंडेवाला मंदिर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में सात जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का वैदिक रीति-रिवाजों से विवाह संपन्न कराया गया। इस अवसर पर स्वामी राजेश्वरानंद ने घोषणा करते हुए कहा कि जो हिंदू दंपत्ति अगले चार वर्षों में चार संतान पैदा करेंगे, उन्हें संस्थान की ओर से एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही एक बच्चे की शिक्षा का पूरा खर्च भी संस्थान उठाएगा।

सदगुरु राजदरबार के प्रबंधक राम वोहरा ने बताया कि “कन्यादान महादान” अभियान के तहत लगातार जरूरतमंद परिवारों की कन्याओं के विवाह कराए जाते हैं। इसी क्रम में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आए सात परिवारों की बेटियों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न कराया गया। समारोह में एक विधवा और एक तलाकशुदा जोड़े को भी नया जीवन शुरू करने का अवसर दिया गया।


मंदिर की महिला सेवादारों ने दूल्हों का तिलक और आरती से स्वागत किया। विवाह समारोह में वर-वधुओं ने जयमाला पहनाकर एक-दूसरे को स्वीकार किया, जिसके बाद पंडित श्री राम शर्मा ने वैदिक मंत्रों के साथ फेरे और सप्तपदी की रस्में पूरी कराईं।

नवविवाहित जोड़ों को विदाई के समय पलंग, अलमारी, कपड़े, बर्तन, गैस चूल्हा, आभूषण और अन्य घरेलू सामान उपहार स्वरूप दिए गए।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद जय प्रकाश अग्रवाल, अमित शर्मा, संदीप लांबा, प्रियंका सक्सेना, रितेश सूजी, अनिल वशिष्ठ, ईश्वर बागड़ी, अविता चौधरी और कुसुम तोमर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
स्वामी राजेश्वरानंद ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन संस्कृति में विवाह का मुख्य उद्देश्य सृष्टि का विस्तार है। उन्होंने युवाओं से संतान उत्पत्ति को समाज और धर्म के प्रति जिम्मेदारी बताते हुए अधिक बच्चों के जन्म के लिए प्रेरित किया।









