पूर्णिमा पर राँजड़ी में सत्संग: सद्गुरु मधुपरमहंस जी महाराज ने कहा—मन पर विजय के बिना आत्म तत्व की प्राप्ति संभव नहीं

सबका जम्मू कश्मीर
राँजड़ी (जम्मू): पूर्णिमा के पावन अवसर पर साहिब बंदगी के सद्गुरु श्री मधुपरमहंस जी महाराज ने राँजड़ी, जम्मू में आयोजित सत्संग के दौरान उपस्थित भक्तजनों को ज्ञान उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में भक्ति के नाम पर बहुत कुछ दिखाया जा रहा है, लेकिन मूल तत्व पर कोई बात नहीं कर रहा है।
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सद्गुरु जी ने बताया कि एक समय उन्होंने देखा कि सैकड़ों महात्मा भक्ति चैनलों पर दिखाई देते थे, लेकिन समय के साथ भक्ति चैनल भी बंद होते गए। कुछ लोगों के गलत आचरण के कारण गुरुओं की छवि को नुकसान पहुंचा, जिससे आज आम व्यक्ति गुरु के नाम पर सवाल उठाने लगा है।
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उन्होंने कहा कि महर्षि वशिष्ठ ने भगवान राम को आत्मा का उपदेश देते हुए स्पष्ट कहा था कि केवल मन को जीतने से ही आत्म तत्व की प्राप्ति हो सकती है। योगवशिष्ठ का सार भी यही बताता है कि मन पर नियंत्रण ही साधना का मुख्य आधार है।
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सद्गुरु मधुपरमहंस जी महाराज ने कहा कि मन को साधारण प्रयासों से वश में नहीं किया जा सकता। मन बहुत विशाल है और बड़े-बड़े साधकों को भी भटका चुका है। मन पर विजय केवल गुप्त और सजीव नाम की शक्ति से ही संभव है, जिसे उन्होंने “सार नाम” बताया।
उन्होंने बताया कि संसार में करोड़ों नामों का जप किया जा रहा है, लेकिन उनसे मुक्ति संभव नहीं है। केवल वही गुप्त नाम आत्मा को अमर लोक तक ले जा सकता है, जो अमर लोक पहुंचे पूर्ण संत के माध्यम से ही प्राप्त होता है। यह नाम कहने या लिखने में नहीं आता और पूरे गुरु के बिना इसकी प्राप्ति संभव नहीं है।
.सत्संग के दौरान सद्गुरु जी ने कहा कि सत्य नाम की प्राप्ति होने पर ही मन झुकता है और जीव संसार सागर से पार हो सकता है। इसी संदेश के साथ उन्होंने भक्तों को आत्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।









