घोड़ा, पिट्ठू और पालकी के रूप में कार्य करने वाले मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर रविवार को जोरदार प्रदर्शन किया

सबका जम्मू कश्मीर
कटरा (रोहित शर्मा)। श्री माता वैष्णो देवी मार्ग पर घोड़ा, पिट्ठू और पालकी के रूप में कार्य करने वाले मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर रविवार को जोरदार प्रदर्शन किया। मजदूरों के इस जुलूस की अगुवाई उनके नेता भूपेंद्र सिंह जमवाल ने की।
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प्रदर्शन से पूर्व मजदूर शालीमार पार्क में एकत्रित हुए, जहां से वे जुलूस की शक्ल में बाणगंगा मार्ग से होते हुए कटडा के मुख्य बस अड्डे तक पहुंचे। इस दौरान मजदूरों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और प्रस्तावित रोपवे परियोजना के खिलाफ आवाज बुलंद की। मजदूर नेता भूपेंद्र सिंह जमवाल ने आरोप लगाया कि श्राइन बोर्ड द्वारा वादा खिलाफी की जा रही है और सांझीछत्र क्षेत्र में लगातार रोपवे परियोजना का निर्माण कार्य जारी रखा गया है, जो भवन मार्ग पर कार्य करने वाले मजदूरों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि यदि श्राइन बोर्ड रोपवे परियोजना को लागू करना चाहता है, तो उससे पहले भवन मार्ग पर कार्यरत प्रत्येक मजदूर को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि परियोजना के कारण संभावित बेरोजगारी से मजदूर अपने और अपने परिवार के भविष्य की योजना बना सकें।
भूपेंद्र सिंह जमवाल ने बताया कि आगामी एक-दो दिनों के भीतर कटडा पहुंचने वाली उपराज्यपाल द्वारा गठित हाई पावर कमेटी रोपवे परियोजना को लेकर लोगों से बातचीत करेगी। उन्होंने मांग की कि कमेटी मजदूरों के प्रतिनिधियों से भी सीधी वार्ता करे, ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि यदि बातचीत असफल होती है, तो मजदूर वर्ग आगे की रणनीति पर विचार करेगा। मजदूर नेता ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार विस्थापित होने वाले मजदूरों के पुनर्वास और राहत राशि की व्यवस्था की जानी चाहिए। रोपवे परियोजना के लागू होने से भवन मार्ग पर कार्य करने वाले सैकड़ों मजदूरों के बेरोजगार होने की आशंका है। उन्होंने दो टूक कहा कि या तो रोपवे परियोजना को रद्द किया जाए, या फिर प्रभावित मजदूरों को 20-20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाए। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने कुछ समय के लिए कार्य बंद रखा, जिससे मां वैष्णो देवी यात्रा के दौरान घोड़ा, पिट्ठू और पालकी सेवाएं लेने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ा।
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हालांकि, दोपहर करीब 2 बजे प्रदर्शन समाप्त होने के बाद मजदूर पुनः काम पर लौट आए, जिससे श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली।मजदूरों ने चेतावनी दी है कि सोमवार को वे एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। वहीं, मजदूरों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जानकारी के अनुसार, हाई पावर कमेटी सोमवार को रोपवे परियोजना के मुद्दे पर स्थानीय लोगों और विभिन्न वर्गों से बातचीत के लिए कटडा का दौरा कर रही है।
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उल्लेखनीय है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्राइन बोर्ड द्वारा रोपवे परियोजना का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इस परियोजना को लेकर भवन मार्ग पर कार्यरत मजदूरों के साथ-साथ भवन मार्ग मार्केट के दुकानदार और व्यवसायी भी विरोध जता रहे हैं। उनका कहना है कि रोपवे परियोजना के कारण उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा।









