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डोगरी साहित्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले यशपाल निर्मल को “जम्मू-कश्मीर शासन पुरस्कार 2026”

सबका जम्मू कश्मीर
जम्मू, जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध डोगरी साहित्यकार, बाल साहित्यकार, अनुवादक और सांस्कृतिक कर्मी यशपाल निर्मल को डोगरी साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए “जम्मू-कश्मीर शासन पुरस्कार 2026” से सम्मानित किया गया है।
यशपाल निर्मल डोगरी भाषा और साहित्य के सशक्त समर्थक माने जाते हैं। उन्होंने अपने लेखन, अनुवाद और सामाजिक-साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से डोगरी भाषा को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने डोगरी सहित विभिन्न भाषाओं में 90 से अधिक पुस्तकों का लेखन और प्रकाशन किया है।
उन्होंने कहानियां, कविताएं और बाल साहित्य रचकर डोगरी भाषा को समृद्ध किया है, जिनकी सराहना स्थानीय ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी हुई है। भाषा संरक्षण और साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए वे कई साहित्यिक आयोजनों, पुस्तक विमोचनों, कविता पाठ और सम्मेलनों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं।

यशपाल निर्मल डोगरी भाषा अकादमी, जम्मू-कश्मीर हिंदी अकादमी और नट मंच के संस्थापक भी हैं। उन्हें वर्ष 2014 में ‘मियां डीडो’ के लिए साहित्य अकादमी का राष्ट्रीय अनुवाद पुरस्कार मिला।
वर्ष 2018 में ‘छुट्टियां’ बाल उपन्यास के लिए प्यारी देवी घासी राम सिहाग बाल साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसका अनुवाद 27 भारतीय भाषाओं में प्रकाशित हो चुका है।
इसके अलावा, उन्हें 2023 में पं. हरप्रसाद पाठक बाल पुरस्कार, 2024 में बाल वाटिका पुरस्कार, 2020 में ‘1008 डोगरी हाइकू’ के लिए सिया राम सहगल पुरस्कार तथा 2023-24 में डॉ. गार्गी गुप्ता द्विवेदी पुरस्कार भी मिल चुका है।









