
सबका जम्मू कश्मीर।
श्रीनगर, 24 अक्तूबर: जम्मू-कश्मीर सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (आदिवासी) योजना के अंतर्गत ₹16.65 करोड़ की राशि मंजूर कर जारी की है।

इसमें ₹14.99 करोड़ केंद्र सरकार का और ₹1.66 करोड़ केंद्रशासित प्रदेश (यूटी) का अंश शामिल है। यह राशि भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की केंद्रीय प्रायोजित योजना (CSS) के तहत स्वीकृत की गई है।

राशि को BEAMS के माध्यम से SNA SPARSH प्लेटफ़ॉर्म पर जारी किया गया है, जिससे लाभार्थियों तक पारदर्शी, कुशल और समयबद्ध तरीके से सहायता राशि पहुँच सके।

यह कदम ओमर अब्दुल्ला सरकार की जनजातीय युवाओं को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने और आर्थिक बाधाओं को दूर करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

जनजातीय कार्य मंत्री जावेद अहमद राणा ने कहा कि बढ़ी हुई यह राशि सरकार की इस दृढ़ नीयत को दर्शाती है कि कोई भी deserving आदिवासी छात्र आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा, “यह पहल समानता, अवसर और सामाजिक न्याय के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस आवंटन के साथ हम समावेशी विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम उठा रहे हैं।”

राणा ने कहा कि जनजातीय कार्य विभाग शिक्षा में असमानताओं को कम करने और छात्रों को शैक्षणिक व व्यावसायिक उत्कृष्टता के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग केवल धन आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित है कि हर पात्र छात्र को छात्रवृत्ति की राशि समय पर और बिना किसी देरी के सीधे खाते में प्राप्त हो। इसके लिए सभी अधिकारियों को सत्यापन, प्रसंस्करण और SPARSH के माध्यम से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मंत्री ने भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय का सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा सशक्तिकरण की नींव है और आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाना सरकार के समावेशी विकास एजेंडा का मुख्य उद्देश्य है।









