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कठुआ, स्वामी श्रद्धानंद जी के बलिदान दिवस की स्मृति में आर्य समाज कठुआ द्वारा आयोजित गीता ज्ञान सप्ताह के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और वैचारिक चेतना का प्रभावशाली संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में गीता के तृतीय अध्याय कर्मयोग के सार के उपरांत चतुर्थ अध्याय ज्ञान योग की विधिवत शुरुआत की गई।
मुख्य वक्ता गायत्री देवी ने ज्ञान योग की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्ञान ही वह दीपक है जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर आत्मा को सत्य और विवेक के मार्ग पर ले जाता है। उन्होंने ‘यज्ञ रूप प्रभु हमारे भाव उज्ज्वल कीजिए’ प्रार्थना का भावार्थ समझाते हुए कहा कि यह प्रार्थना विचारों और भावनाओं की शुद्धि की प्रेरणा देती है। साथ ही नियमित प्रार्थना और साधना को जीवन में अनुशासन और उज्ज्वलता का आधार बताया।
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कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने गीता के संदेश को जीवन में आत्मसात करने पर जोर दिया। विधायक डॉ. भारत भूषण ने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शन है। ज्ञान योग विवेक प्रदान करता है और कर्मयोग समाज व राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करता है।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष पंकज डोगरा ने गीता को जीवन जीने की कला बताते हुए कहा कि इसका संदेश पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। कैप्टन जियान सिंह पठानिया ने कहा कि गीता का प्रत्येक अध्याय समाज को एकजुट करने की प्रेरणा देता है, जबकि विश्व हिन्दू परिषद संगठन मंत्री मोहनदर ने गीता को धर्म, समाज और राष्ट्रहित को जोड़ने वाला सूत्र बताया।

संरक्षक भारत भूषण ने कहा कि गीता ज्ञान सप्ताह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और युवाओं को धर्म, कर्म व ज्ञान के मार्ग पर प्रेरित करने का अभियान है। अध्यक्ष विशन भारती ने मुख्य वक्ता, अतिथियों और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज की एकता और शक्ति का प्रतीक बनता जा रहा है।

कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। गीता ज्ञान सप्ताह प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक जारी रहेगा, जिसमें गीता के विभिन्न अध्यायों पर विद्वानों द्वारा प्रवचन किए जाएंगे।









