कठुआ कैंपस में सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य पर विशेषज्ञ व्याख्यान, छात्रों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर
कठुआ, — जम्मू विश्वविद्यालय के कठुआ कैंपस के कंप्यूटर साइंस एवं आईटी विभाग ने सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक महत्वपूर्ण विशेषज्ञ वार्ता का आयोजन किया।

सत्र के संसाधन व्यक्ति डॉ. राजेश कुमार चंदेल, एसोसिएट प्रोफेसर, मनोचिकित्सा विभाग, जीएमसी कठुआ रहे।
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कार्यक्रम के दौरान डॉ. चंदेल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल बीमारी की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि मानसिक चुनौतियों के बावजूद सार्थक और संतोषपूर्ण जीवन जीने की क्षमता भी है। उन्होंने सकारात्मक भावनाएँ, आत्म-सम्मान, नियंत्रण की भावना, लचीलापन एवं तनाव प्रबंधन जैसे सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य के प्रमुख पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने वेल-बीइंग मॉडल—सकारात्मक भावनाएँ, संलग्नता, अर्थपूर्णता, सकारात्मक संबंध और उपलब्धि—के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को अपनी प्रमुख क्षमताओं की पहचान कर उन्हें दैनिक जीवन में अपनाने की सलाह दी। डॉ. चंदेल ने खेल, संगीत, नृत्य, कला, बागवानी, बेकिंग, आध्यात्मिक गतिविधियाँ और सकारात्मक सामाजिक संपर्क जैसी गतिविधियों को मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ाने में प्रभावी बताया।

रेक्टर प्रो. अरविंद जसरोतिया ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों में आत्म-जागरूकता, लचीलापन और सकारात्मक आदतों का विकास एक सहयोगपूर्ण शिक्षण वातावरण बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संकाय को ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

इससे पहले डॉ. सौरभ शास्त्री, इंचार्ज हेड, कंप्यूटर साइंस विभाग ने संसाधन व्यक्ति का स्वागत किया और युवाओं में बढ़ते तनाव के बीच ऐसे सत्रों की महत्ता पर बल दिया।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. भारती राणा ने किया, जबकि प्रिंसी वर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट अमित शर्मा, डॉ. प्रणव रत्ता, डॉ. ऋतु शर्मा, डॉ. सुरेखा फाखरिया, डॉ. नोमीता शर्मा, इंजीनियर सौरव गुप्ता, इंजीनियर रक्षित खजूरिया, इंजीनियर पुनीत कौर और इंजीनियर जीवन जोत सहित कई शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।









