जम्मूजम्मूजम्मू कश्मीरजम्मू/ राजौरीपुंछ/राजौरीपुंछ/राजौरी/जम्मू।प्रशासनराज्य

डीसी राजौरी ने युवाओं से लाभकारी व तकनीक आधारित कृषि अपनाने का किया आह्वान

सबका जम्मू कश्मीर
राजौरी, अनिल भारद्वाज कृषि विभाग राजौरी द्वारा जम्मू-कश्मीर प्रतिस्पर्धी कृषि एवं सहायक क्षेत्र परियोजना के अंतर्गत वार्षिक कार्य योजना एवं बजट 2025-2026 के प्रोजेक्ट एवं नॉलेज मैनेजमेंट घटक के तहत जिला स्तरीय जागरूकता एवं शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

जिला पुलिस पुंछ की बड़ी कार्रवाई, यूएपीए के तहत अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल वाहन संलग्न

कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त राजौरी अभिषेक शर्मा ने की। इस अवसर पर उन्होंने जिले भर से आए किसानों, युवाओं एवं अन्य हितधारकों से संवाद किया।

जम्मू-कश्मीर के प्रख्यात मूर्तिकार गणेश कुमार शर्मा अमेरिका में सम्मानित

अपने संबोधन में उपायुक्त ने फसल विविधीकरण पर जोर देते हुए युवाओं से पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नवाचार एवं बाजारोन्मुख कृषि अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि जेकेसीआईपी के तहत राजौरी, थन्नामंडी, दरहाल और बुद्धल ब्लॉकों में लाभ प्रदान किए जा रहे हैं, जबकि अन्य ब्लॉकों के किसान समग्र कृषि विकास कार्यक्रम के तहत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
उपायुक्त ने इच्छुक लाभार्थियों को जेकेसीआई पी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण करने, किसान खिदमत घरों तथा कृषि उन्नति केंद्रों से मार्गदर्शन लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आवेदन स्वीकृत होने के बाद लाभार्थियों को प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, गंभीरता और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं। साथ ही कृषि एवं सहायक क्षेत्रों में तकनीक की भूमिका को भी रेखांकित किया।

गीता ज्ञान सप्ताह के द्वितीय दिवस पर सांख्य योग का संदेश, स्वामी श्रद्धानंद जी को भावपूर्ण स्मरण

उपायुक्त ने आगे कहा कि स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) और युवा क्लब जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं की जानकारी फैलाने एवं उनके सफल क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

नगरी मत्स्य विभाग के साथ लगते खेतों में संदिग्ध हालात में युवक का शव मिलने से सनसनी

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त राजौरी मलिकजादा शेराज़ उल हक ने भी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए लाभकारी कृषि की ओर बढ़ने और उच्च मूल्य वाली खेती अपनाने का आग्रह किया। मुख्य कृषि अधिकारी राजौरी राजेश वर्मा ने जीविकोपार्जन आधारित खेती से हटकर मांग आधारित कृषि की ओर संक्रमण पर बल दिया। उन्होंने बडेरवाही राजमा और पेकान नट जैसी फसलों की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेती को बाजार की मांग के अनुरूप किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि युवा क्लब पौधारोपण, कचरा प्रबंधन, स्वच्छता अभियानों तथा जेकेसीआईपी के प्रति जागरूकता फैलाने में अहम योगदान दे सकते हैं।
कार्यशाला के दौरान कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं भेड़ पालन विभागों द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा कृषि एवं सहायक क्षेत्रों से संबंधित सर्वोत्तम प्रथाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल भी लगाए गए।

विधायक जसरोटा के आवास पर वैदिक अनुष्ठान, स्वामी रामस्वरूप जी ने दिया कालजयी ज्ञान का संदेश

जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आए किसानों ने उत्साहपूर्वक कार्यशाला में भाग लिया, जिससे यह कार्यक्रम ज्ञान-विनिमय, संवाद और क्षमता निर्माण का प्रभावी मंच साबित हुआ।

Related Articles

Back to top button