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एनएमसी ने माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस अनुमति वापस ली, छात्रों को अन्य कॉलेजों में किया जाएगा शिफ्ट

सबका जम्मू कश्मीर(राजेश कुमार)
जम्मू कश्मीर/नई दिल्ली, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस, काक्रियल (रियासी) को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए दी गई एमबीबीएस पाठ्यक्रम की अनुमति वापस ले ली है। यह अनुमति 50 एमबीबीएस सीटों के लिए दी गई थी, जिसे अब तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।

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एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने यह फैसला कॉलेज में अचानक किए गए निरीक्षण के बाद लिया। निरीक्षण में पाया गया कि कॉलेज न्यूनतम मानकों को पूरा करने में विफल रहा है। आयोग के अनुसार, कॉलेज में बुनियादी ढांचा, शिक्षण संकाय, अस्पताल सेवाएं और मरीजों की संख्या तय मानकों से काफी कम पाई गई।

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रिपोर्ट में बताया गया कि कॉलेज में लगभग 39 प्रतिशत शिक्षण संकाय की कमी है, जबकि ट्यूटर, सीनियर रेजिडेंट और डेमॉन्स्ट्रेटर की संख्या में 65 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई। अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बहुत कम थी। ओपीडी में आवश्यक 400 मरीजों की जगह केवल 182 मरीज मौजूद थे और बेड ऑक्यूपेंसी मात्र 45 प्रतिशत पाई गई।

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इसके अलावा, कई विभागों में प्रयोगशालाएं उपलब्ध नहीं थीं। लाइब्रेरी में जरूरी पुस्तकों और मेडिकल जर्नल्स की भारी कमी थी। ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू सुविधाएं और अन्य आवश्यक चिकित्सा सेवाएं भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं।

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इन गंभीर कमियों को देखते हुए MARB ने “मेडिकल कॉलेज स्थापना, मूल्यांकन और रेटिंग नियम, 2023” के तहत कॉलेज को गैर-अनुपालन का दोषी माना। इसके बाद एनएमसी अध्यक्ष की मंजूरी से 8 सितंबर 2025 को जारी अनुमति पत्र (LoP) को वापस लेने का निर्णय लिया गया। साथ ही कॉलेज द्वारा जमा की गई बैंक गारंटी को भी जब्त करने का फैसला किया गया है।
हालांकि, इस निर्णय में छात्रों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। एनएमसी ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जिन छात्रों ने पहले ही प्रवेश ले लिया है, उन्हें अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा। ये स्थानांतरण सुपरन्यूमररी सीटों के तहत किए जाएंगे, जिससे किसी भी छात्र की एमबीबीएस सीट नहीं जाएगी।

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छात्रों के स्थानांतरण की प्रक्रिया अब जम्मू-कश्मीर यूटी प्रशासन के सक्षम प्राधिकारी द्वारा पूरी की जाएगी।

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